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कर्ज मुक्ति’ के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा के ये उपाय अपनाएं कर्ज से मिलेगी मुक्ति

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  कर्ज मुक्ति’ के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा के ये उपाय  अपनाएं कर्ज से मिलेगी मुक्ति Karj chukane ka upaye by Pradeep mishra:   मध्य प्रदेश के मशहूर कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा इन दिनों सुर्खियों में हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा अपने धार्मिक कथाओं के साथ-साथ घरेलू दिक्कतें के उपाय देने के लिए भी मशहूर है। उनके कई भक्त कुबेरेश्वर धाम में अपने दिक्कतों का निवारण पाने के लिए आते है। हाल ही में प्रदीप मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें पंडित मिश्रा ने कर्ज चुकाने के उपाए बताए है। चुटकी हल्दी और 2 हरी इलायची का ये उपाय कर लें ये उपाय एक चुटकी हल्दी और 2 हरी इलायची। दोनों इलाइची पर हल्दी का लेप लगा लें और अब दो आटे के दीपक लें और उसमें घी डालकर बाती लगा लें। अब पहला दीपक गणेशजी की प्रतिमा या चित्र के सामने ॐ गं गणपतये नमः: का जाप करते हुए प्रज्वलित करें। उसमें एक हरी इलायची भी अर्पित कर दें। इस दौरान गणेशजी से कर्ज मुक्ति की कामना करें। अब तुलसी के गमले में थोड़ा सा गड्ढा करके दूसरी इलायची को दबा देना है और दूसरा दीपक उसी इलायची के ऊपर रखकर तुलसी माता के समक्ष ॐ नमो भग

पंडित प्रदीप मिश्रा जी के कर लें बस ये बेलपत्र के टोटके परीक्षा में पास होने के लिए

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  पंडित प्रदीप मिश्रा   जी के कर लें बस ये बेलपत्र के टोटके परीक्षा में पास होने के लिए   Pandit Pradeep Mishra ne batae pariksha me pass hone ke upay : पंडित प्रदीप मिश्रा के उपाय काफी सरल होते हैं। सीहोर के रहने वाले प्रदीप मिश्रा ने सोमवार के कई उपाय बताए हैं। इसलिए लोग इन्हें “सीहोर वाले बाबा” भी कहते हैं। अपनी कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा अक्सर नए उपाय बता दें हैं। जिन्हें करने से मनचाही मुराद पूरी हो जाती है। ऐसा ही एक उपाय सोमवार का उपाय है। Pandit Pradeep Mishra ke upay : सीहोर के पंडित प्रदीप मिश्रा ने परीक्षा में पास होने के भी उपाय बताए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा में पास होने के लिए एक बेलपत्र की बीच वाली पत्ती में शहद लगा लीजिए और शंकर भगवान के शिवलिंग पर उस बेलपत्र को बच्चे के हाथ से चिपका दीजिए। ऐसा करने पर आपका बच्चा अचे नंबर से पास हो जाएगा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने किया दावा। सोमवार को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें Pandit Pradeep Mishra ne batae pariksha me pass hone ke upay : बत्रा दें हर कोई जनता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप

बागेश्वर धाम सरकार ने बताए 10 अचूक उपाय

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  बागेश्वर धाम सरकार ने बताए 10 अचूक उपाय, अगर आप भी  आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और जल्दी अमीर-धनवान बनना चाहते हैं,तो अपनाएं ये उपाय पहला उपाय : देहली पूजा करें बागेश्वर धाम बागेश्वर महाराज जी ने पहला उपाय बताते हुए कहां है की आपको प्रतिदिन सुबह अपने घर की सबसे बाहरी देहली की पूजा प्रतिदिन करनी हैं और प्रतिदिन गाय के गोबर से ओरेन जरूर डालनी हैं जो की गांव की लगभग सभी महिलाएं करती हैं लेकिन शहरों में शायद महिलाएं बहुत कम ही ओरेन को डालती है तो पहला उपाय हैं की प्रतिदिन ओरेन को डालना हैं आपको जाना चाहिए की हमारे शास्त्रों में भी देहली का महत्वपूर्ण जिक्र किया गया हैं और देहली का आपने आप में बहुत ज्यादा महत्व हैं क्योंकि देहली पर भगवान नरसिंह बिराजमान रहते हैं। किसी कवि ने भी कहां हैं “चार टांग की चोखट में नीचे की टांग विशेष जिस आसन पर बैठे प्रभु धर नरसिंह का भेष“ यहां चोखट का मतलब देहली होता हैं गांव के यह जानते हैं लेकिन यदि आप शहरी निवासी हैं तो शायद आपको यह पता न हो। दूसरा उपाय : गाय को रोटी और गुण खिलाए बागेश्वर धाम बागेश्वर महाराज महाराज धनवान बनने का दूसरा उपाय बताते हुए कहते हैं

Surya Gochar 2024: अगले 30 दिनों में बदल जाएगी इनकी किस्मत लायेगा खुशखबरी सूर्य देव का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश,

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  Surya Gochar 2024: अगले 30 दिनों में बदल जाएगी इनकी किस्मत लायेगा खुशखबरी सूर्य देव का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश,    सूर्य देव कतिका नक्षत्र में प्रवेश करने से नेतृत्व क्षमता बढ़ सकती है. सूर ् ग्रह आत्मविश्वास और सम्मान का कारक भी है. इसलिए, इस नक्षत्र में सूर्य की उपस्थिति से लोगों में आत्मविश्वास बढ़ सकता है. सूर्य ग्रह प्रसिद्धि और लोकप्रियता का कारक भी है. इसलिए, इस नक्षत्र में सूर्य की उपस्थिति से लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है. सूर्य ग्रह करियर और व्यवसाय का कारक भी है. इसलिए, इस नक्षत्र में सूर्य की उपस्थिति से लोगों को करियर में प्रगति मिल सकती है. लोगों के स्वास्थ्य में सुधार भी हो सकता  Surya Gochar 2024: सूर्य 11 मई 2024 को सुबह 7:13 बजे कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 25 मई 2024 को सुबह 3:27 बजे तक वहां रहेंगे.यह गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है, जिनमें मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क और सिंह राशि शामिल हैं. 1. मेष राशि (Aries) यह मेष राशि के लिए स्वर्णिम समय होगा. करियर में बड़ी सफलता मिल सकती है. धन लाभ के योग भी बन रहे हैं. करियर

आपको भी सपने में इन देवी-देवताओं ने दिए हैं दर्शन, जानिए क्या हो सकता है इसका अर्थ

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  आपको भी सपने में इन देवी-देवताओं ने दिए हैं दर्शन, जानिए क्या हो सकता है इसका अर्थ रात को सोते समय हर व्यक्ति सपने देखता है। स्वप्न शास्त्र में माना गया है कि हर सपना हमारे भविष्य को लेकर कुछ-न-कुछ संकेत देता है। सपने में दिखने वाली घटनाएं हमें निकट भविष्य के बारे में शुभ या अशुभ संकेत दे सकती हैं। आइए जानते हैं कि सपने में विभिन्न देवी-देवताओं को देखना किस बात की ओर इशारा करता है। सोते समय कई बार हमें सपने में देवी-देवता दिखाई देते हैं। देखा जाए तो सपने में देवी देवताओं का दर्शन देना एक शुभ सपना माना जाता है।  ऐसा माना जाता है कि सपने में देवी-देवताओं का दिखना हमारे भाग्य से जुड़ा होता है। आइए जानते हैं कि स्वप्न शास्त्र में इन सपनों के बारे में क्या कहा गया है। भगवान राम का सपना यदि आपको सपने में भगवान राम दर्शन देते हैं, तो इसका अर्थ होता है कि आपको जीवन में बड़ी सफलता हाथ लगने वाली है। साथी आपकी उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे सपने में मां लक्ष्मी के दर्शन हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है। ऐसे में यदि आपको सपने में माता लक्ष्मी के दर्शन होते हैं, तो इसका

कब है एकादशी व्रत? क्या यह 25 सितंबर को है या 26 सितंबर को?

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  कब है एकादशी व्रत? क्या यह 25 सितंबर को है या 26 सितंबर को? यदि एकादशी तिथि उदया तिथि होती है तो एकादशी का व्रत द्वादशी तिथि में रखना लाभकारी होता है। इसलिए एकादशी व्रत 26 सितंबर 2023 को मनाया जायेगा। एकादशी क्या है? एकादशी एक दिन के रूप में माना जाता है हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। यह दिन हिन्दू महीने में होने वाले दो चन्द्र चरणों के ग्यारहवां दिन को कहा जाता है। चन्द्र चरणो दो होते है शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। यह दिन हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार एक वर्ष में 24 बार आता है। कभी-कभी, दो अतिरिक्त एकादशी होती हैं जो एक लीप वर्ष में होती हैं। प्रत्येक एकादशी के दिन विशिष्ट लाभों और आशीर्वादों को प्राप्त किया जाता है जो विशिष्ट गतिविधियों के प्रदर्शन से प्राप्त होते हैं। भागवत् पुराण में भी एकादशी के बारे में बताया गया है। हिन्दू धर्म और जैन धर्म में एकादशी को आध्यात्मिक दिन माना जाता है। इस दिन महिलायें और पुरुष एकादशी का उपवास करते है। निर्जला एकादशी के दिन ना ही कुछ खाया जाता है और ना ही पानी पीया जाता है। इस दिन ज्यादातर चावल नहीं खाया जाता है। इस दिन सब्जी और दूध उत्पाद

2023: 29 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष, जानें इसका धार्मिक महत्व, तिथियां और विधि

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  2023: 29 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष, जानें इसका धार्मिक महत्व, तिथियां और विधि इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर से हो रही है और 14 अक्‍टूबर 2023 को यह समाप्‍त होगा. पितृ पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होते हैं और अश्विन मास की अमावस्‍या तक चलते हैं. इसे सर्व पितृ अमावस्‍या कहते हैं. अधिक मास की वजह से इस साल सावन दो महीने का है. श्राद्ध श्रद्धा से जुड़ा हुआ शब्द है.पितृपक्ष में तर्पण और श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं. ऐसा पितरों के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए किया जाता है. पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किए जाते हैं. मान्यता है कि पितृ पक्ष में श्राद्ध या पितरों को तर्पण विधि विधान से देने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृदोष समाप्त हो जाता है. शास्त्रों के अनुसार जो परिजन अपना शरीर त्याग कर चले जाते हैं उनकी आत्मा की शांति के लिए सच्ची श्रद्धा के साथ तर्पण किया जाता है, इसे ही श्राद्ध कहा जाता है इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर से हो रही है और 14 अक्‍टूबर 2023 को यह समाप्‍त होगा. पितृ पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होत

2023: कब है हरतालिका तीज? जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व

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  2023: कब है हरतालिका तीज? जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व हरतालिका तीज भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं. साथ ही ये व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है. हरतालिका तीज हरियाली और कजरी तीज के बाद मनाई जाती है. इस बार हरतालिका तीज 18 सितंबर को मनाई जाएगी. Hartalika Teej 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस बार हरतालिका तीज 18 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी. इसको हरितालिका तीज और हरतालिका तीज के नाम से भी जाना जाता है. इस पर्व का संबंध शिव जी से है और 'हर' शिव जी का नाम हैं इसलिए हरतालिका तीज ज्यादा उपयुक्त है. महिलाएं इस दिन निर्जल व्रत रखने का संकल्प लेती हैं. मुख्य रूप से ये पर्व मनचाहे और योग्य पति को प्राप्त करने का है, हालांकि कोई भी स्त्री ये रख सकती है. इसी दिन हस्तगौरी नामक व्रत को करने का विधान भी है जिसको करने से संपन्नता की प्राप्ति होती है.

गुग्गल धूप से घर पर करें ये चमत्कारी उपाय, दुख और दरिद्रता हो जाएगी दूर

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गुग्गल धूप से घर पर करें ये  चमत्कारी उपाय, दुख और दरिद्रता हो जाएगी दूर Guggal Dhoop एक बार वास्तु दोष लग जाने के बाद व्यक्ति के जीवन में कुछ भी सही नहीं होता है। परिवार में सदस्यों के मध्य कलह की स्थिति बनी रहती है। साथ ही आर्थिक स्थिति भी बदहाल हो जाती है। अतः वास्तु नियमों का पालन जरूरी है। वास्तु शास्त्र में नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के विशेष उपाय बताए गए हैं। सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। गृह निर्माण से लेकर प्रवेश तक वास्तु नियमों का विधि विधान से पालन किया जाता है। गृह प्रवेश के बाद भी सभी चीजों को वास्तु के हिसाब से रखा जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। अनदेखी करने से वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है। एक बार वास्तु दोष लग जाने के बाद व्यक्ति के जीवन में कुछ भी सही नहीं होता है। परिवार में सदस्यों के मध्य कलह की स्थिति बनी रहती है। साथ ही आर्थिक स्थिति भी बदहाल हो जाती है। अतः वास्तु नियमों का पालन जरूरी है। वास्तु शास्त्र में नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के विशेष उपाय बताए गए हैं। अगर आप भी वास्तु दोष के चलते जीवन में मुश्क

07 या 06 सितंबर, कब मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी? जानिए तिथि और समय

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  07 या 06 सितंबर, कब मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी? जानिए तिथि और समय Janmashtami 2023 हिन्दू धर्म में जन्माष्टमी पर्व का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के दिन लड्डू गोपाल की उपासना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। लेकिन जन्माष्टमी की तिथि को लेकर कुछ लोगों में असमंजस की स्थिति है कि जन्माष्टमी 06 सितंबर को मनाया जाएगा या 07 सितंबर को? आइए विस्तार से जानते हैं- Krishn Janmashtami Kab Hai- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. हर साल जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन मनाया जाता है. एक दिन गृहस्थ जीवन वाले और दूसरे दिन वैष्णव संप्रदाय वाले जन्माष्टमी मनाते हैं. ऐसे में आपको बता दें कि 6 और 7 सितंबर दोनों दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा. गृहस्थ जीवन जीवन वाले 6 सितंबर और वैष्णव संप्रदाय 7 सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे. 6 सितंबर को भगवान श्री कृष्ण का 5250 वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में